कॉस्मेटिक सर्जरी है खूबसूरती निखारने का नया तरीका

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आजकल अनेक युवतियां अपनी नाक, होंठ या चेहरे पर कॉस्मैटिक सर्जरी करवा कर नई खूबसूरती पाना चाहती हैं अर्थात यदि खूबसूरती मनचाही नहीं है तो उसे इस तरह से भी पाया जा सकता है कि देखने वाला बस देखता ही रह जाए। दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो अपने चेहरे की कमी को कॉस्मेटिक या प्लास्टिक सर्जरी से दूर कर अपना खोया हुआ आत्मविश्वास पाना चाहते हैं तो कुछ ऐसे हैं जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम कर चिर युवा दिखना चाहते हैं। कारण कोई भी हो परंतु नेट पर सर्च करने से लेकर डॉक्टर्स से इस बारे में कंसल्टेशन लेने वालों की संख्या में बीते कुछ समय से इजाफा ही हुआ है।

चेहरे पर दाग लाते हैं हीन भावना

पहले कहा जाता था कि एक लड़की का चेहरा बेदाग होना चाहिए और लड़के के चेहरे पर चोट इत्यादि के दाग भी बुरे नहीं लगते परंतु आज तो युवाओं में अपने चेहरे पर चोट या किसी और कारण से लगे दागों से हीन भावना घर कर लेती है, जिससे न तो वे पढ़ाई पर अपना ध्यान लगा पाते हैं और न ही कैरियर के प्रति कोई रुझान रह जाता है। दरअसल चेहरे की कई ऐसी समस्याएं हैं जिनका सही वक्त पर सही इलाज किया जाए तो उन्हें बढèने से पहले ही रोका जा सकता है लेकिन जानकारी के अभाव में अक्सर ऐसा नहीं हो पाता। यदि चेहरे पर लगी चोट पर कुछ घंटों के भीतर ही सही तरीके से टांके लगा दिए जाएं तो यह बाद में लगाए टांकों के मुकाबले कई गुना अच्छा प्रभाव छोड़ता है और सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती।

चोट, चेचक, मुंहासों के दाग

चोट से लेकर मुंहासों तक के निशान सही इलाज से उसी समय ठीक हो सकते हैं परंतु वक्त गुजरने के बाद इन निशानों से लेकर चेचक तक के दागों को हटाने के लिए सर्जरी ही सही इलाज हो सकता है, जिससे एक बार फिर से चेहरा पहले की तरह हो जाता है।

चेहरे की झुर्रियां

उम्र के साथ आने वाली झुर्रियां से होने वाले बदलावों को कुछ समय के लिए टाला जरूर जा सकता है पर पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता। बढ़ती उम्र के साथ माथे, आंखों की पलकों, गालों और गले पर रेखाएं बढ़ जाती हैं, एक्सरसाइज, सही डाइट और चिताओं को कम करके फ़ेशियल मसाज आदि से इन्हें कुछ समय के लिए टाला जरूर जा सकता है पर झुर्रियां और लटकती त्वचा 45 वर्ष की उम्र के बाद फ़ेशियल से भी खत्म नहीं हो पाती। एक बात का ख्याल रखें कि छोटी और कम गहरी झुर्रियों को मसाज अथवा कॉस्मैटिक ट्रीटमैंट से कुछ समय के लिए हटाया जरूर जा सकता है, परंतु यह स्थायी हल नहीं है कि चेहरे पर कभी झुर्रियां आएं ही न।

सफ़ेद दाग और उसके इलाज

त्वचा को रंग प्रदान करने वाला मिलेनिन दाग वाले स्थान पर नहीं होता। सफ़ेद दाग का कारण आनुवांशिक भी हो सकता है। सफ़ेद दाग के निशान कभी-कभी पूरे शरीर पर बढ़ कर फैल जाते हैं और लाइलाज हो जाते हैं। ज्यादातर निशान जो कम से कम 6 महीने से व साल भर से बढ़ नहीं रहे हैं उन्हें कॉस्मैटिक सर्जरी से आसानी से ठीक किया जा सकता है।

चेहरे की झाइयां

चेहरे पर पड़े ये निशान त्वचा के रंग का फर्क सामने वाले पर सहज ही प्रदर्शित कर देते हैं। गाल, आंखों के आस-पास, माथा, नाक अथवा ठोड़ी पर पड़े गहरे काले निशान ही झाइयां माने जाते हैं। सामान्य त्वचा व इनमें सिर्फ रंगत का फर्क होता है। सन बर्न के अलावा भी यह कई कारणों से बन जाते हैं तथा इन्हें अन्य तरीकों से पूरी तरह खत्म कर पाना संभव नहीं हो पाता।

तिल के निशान

चेहरे पर कहीं ब्यूटी स्पॉट लगता है तो कहीं भद्दे निशान की तरह नजर आता है तिल और यह एक या इससे अधिक या छोटे-बड़े भी हो सकते हैं। कई बार तो इन पर बाल भी उगे होते हैं और यह देखने में बेहद खराब लगते हैं।

एक बाजार के रूप में हो रहा विकसित

मानसिक संतुष्टि और आकर्षक दिखने की इस होड़ ने इसे एक अलग तरह का बाजार दिया है, जिसका सबसे बड़ा खरीददार युवा वर्ग है। अपने देश में जहां शादी के लिए लड़की का सुंदर दिखना एक बड़ी मांग है, वहां यह सर्जरी उन युवतियों के लिए वरदान बन गई है। यही नहीं, कॉस्मैटिक सर्जनों तथा विशेषज्ञों की मानें तो पिछले कुछ महीनों में ही बोटोक्स लगवाने से लेकर, चेहरे की महीन लकीरें हटवाने, लाइपोसक्शन करवाने, ब्रैस्ट इम्प्लांट करवाने, फुल बॉडी लेजर ट्रीटमैंट लेने, होंठों या नाक को सही आकार दिलवाने, हेयर ट्रांसप्लांट करवाने, बांहों को बेदाग बनाने, पेट पर से अतिरिक्त चर्बी घटवाने तथा बॉडी को परफैक्ट शेप में लाने की तमन्ना रखने वाली युवतियों की संख्या लगभग पहले से दोगुनी हुई है। इस मोह से तो लड़के भी नहीं बच पाए हैं।

बड़ी उम्र में शादी भी एक कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि अब युवा 3०-35 की उम्र में शादी कर रहे हैं, तो उम्र का प्रभाव चेहरे पर दिखने ही लगता है। ऐसे में बस युवा दिखने के लिए कॉस्मैटिक सर्जरी का ही रास्ता बचता है। यही नहीं, किसी को बॉलीवुड हीरोइन जैसी नाक, गाल या होंठ चाहिएं तो किसी को अपने चेहरे के साधारण दाग-धब्बे भी नहीं चाहिएं और किसी को अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए चेहरे के किसी खास हिस्से पर तिल चाहिए अर्थात खूबसूरती का पैमाना बॉलीवुड और ग्लैमर वर्ल्ड वाला बन गया है।

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