स्क्रिप्ट राइटिग के करियर में अपार संभावनाएं

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यदि आप लेखन में दक्षता रखते हैं और आपको किताबें padhne  में भी गहरी रुचि है तो स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर आप अपने शौक को करियर का रूप भी दे सकते हैं। जो युवा लिखने-पढ़ने के साथ मानवीय संवेदनाओं को पकड़ कर अभिव्यक्त करने की क्षमता रखते हैं उनके लिए भी इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

जानें इस क्ष्ोत्र में लखनऊ पारा स्थित फास्ट क्लासेज के करियर कांउसलर दिलीप सिंह की राय :

कार्यक्षेत्र

विज्ञापनों के लिए स्क्रिप्ट राइटर्स की सेवाएं विशेष तौर पर ली जाती हैं। अक्सर विज्ञापनों में ऐसे शब्दों या पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है जो लोगों की जुबान पर चढ़ जाती हैं। ये सब स्क्रिप्ट राइटर के दिमाग की ही उपज होते हैं। ऐसी रोचक बातों को जिगल्स कहा जाता

है। बेशक स्क्रिप्ट राइटर का काम सिर्फ जिगल लिखना ही नहीं होता बल्कि और कई चीजें हैं जो स्क्रिप्ट राइटर करते हैं लेकिन अधिकतर की शुरुआत जिगल्स से ही होती है। जाहिर है कि स्क्रिप्ट राइटिग कहानियां और कविताएं लिखने से कुछ अलग होता है क्योंकि स्क्रिप्ट में लिखी गई हर बात का फिल्मांकन किया जाता है। इसीलिए लेखक को यह सोचकर लिखना पड़ता है कि उसके द्बारा लिखी गई स्क्रिप्ट पढ़ी नहीं देखी जाएगी।

कौशल

इसमें क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों में रचनात्मकता का होना आवश्यक है। कम शब्दों में आपको उत्पादों की विशेषताओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होता है। विज्ञापनों के लिए ऐसी जिगल्स की रचना करनी पड़ती है कि सुनते या पढ़ते ही वह ग्राहक के जेहन में आ जाए। वैसे कोई डिग्री कोर्स तो नहीं होता पर ये जर्नलिज्म के अंतर्गत आता है।
कल तक विज्ञापन ग्राहकों की संतुष्टि के लिए बनाए जाते थे लेकिन आज जो विज्ञापन आ रहे हैं वे ग्राहकों के संतोष के साथ उसकी खुशी और मनोरंजन को भी महत्व दे रहे हैं। मानवीय भावनात्मक पक्षों को छूते विज्ञापन न सिर्फ देर तक याद रहते हैं बल्कि मन पर भी गहरा असर छोड़ते हैं।

जिस भी भाषा में आप स्क्रिप्ट राइटिग करना चाहते हैं उसका गहन ज्ञान आपको होना चाहिए। आपको अधिक से अधिक पुस्तकों को भी पढ़ना चाहिए ताकि आपको विभिन्न लेखकों की शैली की जानकारी भी प्राप्त हो सके। साथ ही फिल्मों तथा धारावाहिकों की स्क्रिप्ट पर गौर करने की आदत भी डाल लें। इसके बाद आप स्क्रिप्ट लेखन में हाथ आजमाएं।

योग्यता

स्क्रिप्ट राइटिग में सबसे अहम जरूरत रचनात्मकता की होती है जो पूर्णत: व्यक्ति की विश्लेषण और कल्पना क्षमता पर आधारित होती है लेकिन फिर भी इसके लिए पत्रकारिता का कोर्स कर लिया जाए तो बेहतर होता है। किसी भी विषय में12वीं कक्षा पास करने के बाद पत्रकारिता में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। जो छात्र ग्रेजुएशन कर चुके हैं वे
किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पत्रकारिता में एम.ए. भी कर सकते हैं।

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